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Saturday, 20 November, 2010

उदयनाचार्य के गॉव से


यह कविता जून 2007 को होने वाले मेरे भतीजे के उपनयन संस्‍कार के निमंत्रण पत्र में छपी थी ।कविता छवि (फोटो) के रूप में प्रस्‍तुत है

Friday, 19 November, 2010

मॉ

हमें तुक लय देते देते
हो गई वह नीरस गदयाभास
मॉ का शैशव है प्रागैतिहास
जवानी के साक्ष्‍य
गहनों में मौजूद है
सबसे पुराने सन्‍दूक में बन्‍द है
झुर्रियों ने कर दिया है छोटा
उसकी चहारदीवारी को
बेपर्द दरवाजे पर बैठ
बेसूरे गानों के साथ
सुला रही मेरे बच्‍चों को
मोटे चश्‍मों के पीछे दत्‍तचित्‍त
थरथराते हाथों से हटा रही
चावल में से कंकड
बना रही मेरे बच्‍चों का भविष्‍य ।

Tuesday, 9 November, 2010

फेसबुक पर मिले राजेन्‍द्र यादव

फेसबुक पर मिले राजेन्‍द्र यादव नामवर और कई मातवर
मैं कसम से कहता हूं
वे मेरे मित्र बन गए हैं
शायद वे मित्रधर्म निबाहेंगे
मेरी बुरी कविता भी छापेंगे
संभव हो बालसंगी गौरीशंकर का स्‍थान लें वो
मेरे कच्‍चे सूर को भी सराहे
बुखार में पारासिटामोल खिलाए
या मेरी पत्‍नी से सुलह कराएं
यही नहीं बद्रीनारायण गीत और धीरेन्‍द्र भी मिल गए हैं
वैसे उदयप्रकाश गौरीनाथ ने मुझे घास नहीं डाला है
या तो बहुत व्‍यस्‍त होंगे या तेलपानी का बोलबाला है
कुछ सुन्‍दरियों के साथ ही आशीष त्रिपाठी ने भी जबाव नही दिया है
वही जिसने नामवर के भाषण को चार किताब में बाइंड किया है
अजय तिवारी भी घमंडी है
दोस्‍ती है कि शब्‍जी मंडी है
कहॉ है गुरू गोपाल राय और विश्‍वनाथ त्रिपाठी
मित्र मिथिलेश और के के भी नही है
टेमा में रह रहे प्रेम भाई पता नही फेसबुक जानते हैं या नहीं
फुच्‍चु लुटकुन राघव और अशोक मित्र बढाने में व्‍यस्‍त हैं
पता नही जब राजेन्‍द्र यादव ने मेरी दोस्‍ती कबूल की होगी
तब क्‍या सोचा होगा
मुस्‍कुराया होगा
या ंंंंंंंंंंं






मेरे गुरू गोपाल राय और विश्‍वनाथ त्रिपाठी

Thursday, 4 November, 2010

लक्ष्‍मी ये आपका नही है

नाराज नही हो विष्‍णुप्रिये
मेरे दीवार पर टॅगी हाथी युगल आपका नहीं है
फूलजल अर्पित नहीं किया इसने
ऐरावत का ऐश्‍वर्य इसमें मत देखें
गणेश का सर इसके पूर्वजों से नहीं बना

लीलाधर ने इसे कब बचाया 

यह कलियुग का चुनावी हाथी भी नहीं है
यह तो अपने आप में ही मत्‍त हाथी हथिनी है
नवदम्‍पति है क्‍या
क्षमा करना लक्ष्‍मी
कोई रार तो नहीं कर रहा
पर सोच नही पा रहा

तुमको पूजूं या तुम्‍हारे हाथी को 

वैसे मेरी हाथी को किसी अनाम कुम्‍हार ने बनाया है
इसका कलात्‍मक मूल्‍य नगण्‍य है