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Friday, 19 November, 2010

मॉ

हमें तुक लय देते देते
हो गई वह नीरस गदयाभास
मॉ का शैशव है प्रागैतिहास
जवानी के साक्ष्‍य
गहनों में मौजूद है
सबसे पुराने सन्‍दूक में बन्‍द है
झुर्रियों ने कर दिया है छोटा
उसकी चहारदीवारी को
बेपर्द दरवाजे पर बैठ
बेसूरे गानों के साथ
सुला रही मेरे बच्‍चों को
मोटे चश्‍मों के पीछे दत्‍तचित्‍त
थरथराते हाथों से हटा रही
चावल में से कंकड
बना रही मेरे बच्‍चों का भविष्‍य ।

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