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Thursday 4 November 2010

लक्ष्‍मी ये आपका नही है

नाराज नही हो विष्‍णुप्रिये
मेरे दीवार पर टॅगी हाथी युगल आपका नहीं है
फूलजल अर्पित नहीं किया इसने
ऐरावत का ऐश्‍वर्य इसमें मत देखें
गणेश का सर इसके पूर्वजों से नहीं बना

लीलाधर ने इसे कब बचाया 

यह कलियुग का चुनावी हाथी भी नहीं है
यह तो अपने आप में ही मत्‍त हाथी हथिनी है
नवदम्‍पति है क्‍या
क्षमा करना लक्ष्‍मी
कोई रार तो नहीं कर रहा
पर सोच नही पा रहा

तुमको पूजूं या तुम्‍हारे हाथी को 

वैसे मेरी हाथी को किसी अनाम कुम्‍हार ने बनाया है
इसका कलात्‍मक मूल्‍य नगण्‍य है  






6 comments:

  1. बहुत सुंदर प्रस्तुति , दीपावली की हार्दिक शुभकामनाये...
    sparkindians.blogspot.com

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  2. दीपावली की हार्दिक शुभकामनाये.

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  3. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।

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  4. ब्लाग जगत की दुनिया में आपका स्वागत है। आप बहुत ही अच्छा लिख रहे है। इसी तरह लिखते रहिए और अपने ब्लॉग को आसमान की उचाईयों तक पहुंचाईये मेरी यही शुभकामनाएं है आपके साथ
    ‘‘ आदत यही बनानी है ज्यादा से ज्यादा(ब्लागों) लोगों तक ट्प्पिणीया अपनी पहुचानी है।’’
    हमारे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

    मालीगांव
    साया
    लक्ष्य

    हमारे नये एगरीकेटर में आप अपने ब्लाग् को नीचे के लिंको द्वारा जोड़ सकते है।
    अपने ब्लाग् पर लोगों लगाये यहां से
    अपने ब्लाग् को जोड़े यहां से

    कृपया अपने ब्लॉग पर से वर्ड वैरिफ़िकेशन हटा देवे इससे टिप्पणी करने में दिक्कत और परेशानी होती है।

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  5. इस सुंदर से नए चिट्ठे के साथ हिंदी ब्‍लॉग जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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  6. लेखन अपने आपमें रचनाधर्मिता का परिचायक है. लिखना जारी रखें, बेशक कोई समर्थन करे या नहीं!
    बिना आलोचना के भी लिखने का मजा नहीं!

    यदि समय हो तो आप निम्न ब्लॉग पर लीक से हटकर एक लेख
    "आपने पुलिस के लिए क्या किया है?"
    पढ़ सकते है.

    http://baasvoice.blogspot.com/
    Thanks.

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